Home

एक प्रयास जो करना हमारा कर्म ही नहीं कर्तव्य भी है.........



    शिक्षा ग्रहण के दौरान (विभिन्न शैक्षिक क्रियाकलापों के द्वारा ) यह सीख लेना कि हम अपना कार्य निष्ठापूर्वक करें , सभी के विचारों को सुने, मनन करें तत्पश्चात स्वीकार योग्य विचारों को स्वीकार करें, अपने अधिकारों के साथ- साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने का सम्पूर्ण प्रयास करें, अपने आप को इस लायक बनाने का प्रयास करना जिससे मान- सम्मान के साथ-साथ सम्मानित जीवन- यापन कर सकें। कर्म ऐसा करें जिससे परिवार, समाज, धर्म और मातृभूमि की सतत प्रगति के साथ - साथ रक्षा हो , यही सच्ची भारतीयता की भावना है और उत्कृष्ट शिक्षा का सार है।

    गणित शिक्षा के लिए आवश्यक है कि हम सदैव व्याकरण को सीखें उनके अर्थ निकले न कि भाव। गणित व्यक्ति को अनुशाषित करती है, कार्यों को क्रमबद्ध तरीके से करना सिखाती है, नियमों का पालन करना सिखाती है,साथ ही साथ व्यक्ति में तार्किक क्षमता का विकास करती है।
     
    गणित विषय के प्रारम्भिक ज्ञान के बिना दुनिया में किसी भी प्राणी का विकास संभव नहीं है। वैसे ईश्वर ने प्रत्येक इन्सान (साक्षर/ निरक्षर) में गणित विषय का बृहत् ज्ञान अंतर्निहित कर रखा है।   








Links for Support Materials: